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कांग्रेस के सिपाही मृत्युंजय शर्मा की पार्टी में तमाम उतार चढ़ाव के बाद भी नही बदली निष्ठा चन्दपाल सिंह सेंगर

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फर्रुखाबाद।
 राजनीति के बदलते परिवेश में जहां लोग कपड़ों की तरह अपनी निष्ठा बदल रहे हैं । पार्टियां बदल रहे है।वहीं फर्रुखाबाद जिले में एक राजनेता ऐसा है जिसने कांग्रेस पार्टी में तमाम उतार चढ़ाव के बाद भी अपनी निष्ठा नहीं बदली ।वह नाम है मोहम्मदाबाद विकासखंड के रहने वाले मृत्युंजय शर्मा का ।बताते चलें कि मृत्युंजय शर्मा छात्र जीवन से कांग्रेस पार्टी के साथ हैं। अपने पिता स्वर्गीय विद्या भूषण शर्मा के साथ वह उस समय से कांग्रेस से जुड़े हुए हैं जबकि कांग्रेस के सांसद खुर्शीद आलम जिले में सर्वोत्तम राजनेता माने जाते थे। जिले में कांग्रेस का बोलबाला था। मृत्युंजय शर्मा अपने पिता के साथ सांसद खुर्शीद आलम  से मिलने आते थे और कांग्रेस की बैठकों में भाग लिया करते थे। मृत्युंजय शर्मा बताते हैं कि वर्ष 1984 से वह कांग्रेस के साथ हैं ।वर्ष 2014 में वह कांग्रेस के जिला अध्यक्ष चुने गए। तमाम उतार-चढ़ाव के बाद भी उन्होंने पार्टी नहीं छोड़ी। वह आज भी कांग्रेस के साथ पूरी निष्ठा से जुड़े हुए हैं। जिस समय यहां सपा कांग्रेस के गठबंधन से  चुनाव हुआ ,उस समय मृत्युंजय शर्मा ने अपने पैसे से गठबंधन के प्रत्याशी का चुनाव प्रचार किया। वह पूरी निष्ठा के साथ कांग्रेस प्रत्याशी के चुनाव प्रचार में जुटे रहे। वर्ष 2002 में उन्हें पार्टी ने मोहम्मदाबाद विधानसभा चुनाव से चुनाव लड़ाया ।जिसमें मतदाताओं ने उन्हें हाथों-हाथ लिया ।यह अलग बात है कि समय के बदलते चक्र की वजह से वह चुनाव जीत नहीं सके। लेकिन उन्होंने आशा से ज्यादा वोट प्राप्त किया ।श्री मृत्युंजय शर्मा बताते हैं कि वह सदैव कांग्रेस के साथ रहे हैं और बने रहेंगे ।उनका कहना है कि तमाम उतार चढ़ाव आये, लेकिन उनकी निष्ठा नहीं बदली। और ना भविष्य में बदले की बदलने की उम्मीद है। उनका मानना है कि पार्टी हाई कमान उन्हें आगामी चुनाव में टिकट देगा तो वह जनता के बीच जरूर जाएंगे ।यह बात अलग है कि उनका जनाधार आज भी किसी नेता से कम नहीं है। अपनी ईमानदारी और निष्ठा की वजह से मृत्युंजय शर्मा राजनीतिक क्षेत्र में हर दिल अजीज बने हुए हैं। उनकी प्रशंसा पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी ही नहीं कर रहे हैं बल्कि अन्य दलों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता कर रहे हैं। उनका मानना है कि व्यक्ति के अंदर सेवा भाव होना चाहिए। जिससे लोगों को भला कर सके। वह आज भी गरीबों की मदद करने के लिए पीछे नहीं हटते हैं ,हर समय गरीबों के साथ है। मृत्युंजय शर्मा के पिता श्री विद्या भूषण शर्मा भारतीय इंटर कॉलेज मोहम्मदाबाद के प्रधानाचार्य थे। और कांग्रेस के प्रति उनकी शुरू से निष्ठा थी ।अपने पिता के पद चिन्हों पर चलकर उन्होंने कांग्रेस पार्टी ज्वाइन की और आज भी प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ता है। उनका कहना है कि यह निष्ठा कभी नहीं बदलेगी। वह हर समय पार्टी के उत्थान के लिए कार्य करते रहेंगे। वही लोगों का कहना है कि कांग्रेस के निष्ठावान सिपाही मृत्युंजय शर्मा की शख्सियत को सलाम है।

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